motivational stories in hindi with moral

by abhi singh Jan 7 in Society 0 Comments 118 Views

अगर आज का दिन आपकी ज़िंदगी का आखिरी दिन होगा तो क्या आप वही करोगे जो आप आज करने वाले हैं |

Moral stories in hindi for class 9 - समय बहुत बलवान है।

 

एक राजा था जिसने अपने राज्य मे बड़ी क्रूरता से बहुत सारी दौलत इकट्ठा करके एक तरह से शाही खजाना अपने राज्य से बहूत दूर एक जंगल मे बनाए तैखाने मे खजाने को खूफ़िया तौर पर छुपा दिया।

 

खजाने की सिर्फ़ दो ???? चाभीयां थी एक चाभी राजा के पास और एक चाभी उसके खास मंत्री के पास थी।

 

 

इन दोनों के अलावा किसी को भी उस खूफ़िया खजाने के बारे मे नहीं पता था।

 

एक रोज किसी को बिना बताए राजा अकेले अपने सेना और मंत्री के बिना उस जंगल मे बने तैखाने मे चला गया। 

खजाने को देख देख वह बहुत खूश रहा था,सोने की चमक उसे बहुत शूकून दे रही थी। 

 

उसी वक़्त मंत्री भी उसी रास्ते से गुजर रहा था तभी उसने देखा कि उस तैखाने का दरवाजा खुला हुआ था।

 

वह हैरान हो गया और फिर उसे याद किया कि कल रात मै जब खजाना देखने आया तब शायद खजाने का दरवाजा खुला रह गया होगा।

 

उसने जल्दी जल्दी बाहर से उस तैखाने के दरवाजे को बंद कर दिया और वहाँ से चला गया। 

जब राजा खजाने को देखने के बाद संतुष्ट हुआ तो दरवाजे के पास गया तो उसने देखा कि ये क्या हुआ दरवाजा तो बाहर से बंद है।

उसने जोर जोर से दरवाजा पीटना शुरू किया बहुत प्रयास किया लेकिन राजा की अवाज उस जंगल मे सुनने वाला कोई नहीं था। 

 

राजा चिल्ला रहा था मगर अफसोस कि कोई नहीं आया,राजा चुपचाप उस खजाने को देख रहा था।

 

अब राजा को भूख और प्यास से बेहाल सा हो रहा था वह एकदम पागलों सा हो गया। 

 

वो रेंगता रेंगता हीरो के संदूक के पास पहुँचा और बोला ए दुनिया के नायाब हिरे मुझे एक ग्लास पानी दे दे।

 

सोने चांदी के पास गया और बोला कि ए सोने चांदी के खजाने मुझे एक वक़्त का खाना दे दे।

 

राजा को एक पल ऐसा लगा जैसे हिरे मोती बोल रहे कि तेरी सारी जिन्दगी की कमाई एक गिलास पानी और एक वक़्त का खाना नहीं दे पा रही।

 

राजा भूख से बेहोश हो गए।

 

राजा को जब होश आया तो उसने सारे हिरे चांदी को एक तरफ करके उसपर अपना बिस्तर बनाके उसपर लेट गया।

 

वह दुनिया को एक संदेश देना चाहता था लेकिन उसके पास कलम और कागज नहीं था।

 

उसने पत्थर से अपनी उँगली फोड़ खून से दीवाल पर कुछ लिख दिया।

 

राज्य मे मंत्री और सभी लोग राजा को ढूँढने लगे,पूरी सेना राजा को ढूँढने मे लग गयी लेकिन वो लोग असफल रहे।

 

बहुत दिन तक जब राजा  ना मिला तो मंत्री राजा के खजाने को देखने निकला।

 

वह जंगल गया और दरवाजे को जैसे ही खोला उसमे से बहुत अजीब सी बदबू आयी,मंत्री को कुछ समझ नहीं आया कि ये बदबू क्यूँ आ रही है।

 

वो जैसे ही उस तैखाने मे आगे बढ़ा उसने देखा कि राजा सोने चांदी के बिस्तर पर मरे हुए हैं और उसकी लाश को किड़े मकोड़े खा रहे थे।

 

मंत्री ने देखा कि राजा ने दीवाल पर कुछ लिखा हुआ था उसपर लिखा हुआ था कि ये सारी दौलत आपको एक गिलास पानी और एक वक़्त का खाना नहीं सकती,यही अंतिम सच है,आपके साथ अपकी कर्मो की दौलत जाएगी।

 

चाहे आप कितनी भी मेहनत से सोने,हिरे,चाँदी इकठ्ठा कर लो सब यही रह जाएगी।

  

सीख :-

जो जीवन ऊपर वाले ने आपको उपहार के रूप मे दिया है उसमे अच्छे करम किजिये लोगों की भलाई का काम किजिये वो भी बिना किसी स्वार्थ के।
जमा किजिये अच्छे कर्मों की अनमोल दौलत,हमेशा यही काम देगी।

 

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धन्यवाद।