माँ की ममता का अद्भुत उदाहरण जो आपकी आँखें नम कर देगा ।

SA Admin SA Admin Jul 10 0 Comments 13 Views

 कुछ समय पहले जापान  में आये सुनामी के दौरान एक दिल को छू लेने वाली घटना हुई...

भूकंप के बाद बचाव कार्य का एक दल एक महिला के पूर्ण रूप से ध्वस्त हुए घर की जांच कर रहा था. बारीक दरारों में से महिला का मृत शरीर दिखा, लेकिन वो एक अजीब अवस्था में था. महिला अपने घुटनों के बल बैठी थी. ठीक वैसे ही जैसे मंदिर में लोग भगवान के सामने नमन करते है. उसके दोनों हाथ किसी चीज़ को पकडे हुए थे और भूकंप से उस महिला की पीठ और सर को काफी क्षति पहुंची थी.

काफी मेहनत के बाद दल के सदस्य ने बारीक दरारों में कुछ जगह बनाकर अपना हाथ महिला की तरफ बढ़ाया. बचाव दल को उम्मीद थी कि शायद महिला जिंदा हो, लेकिन महिला का शरीर ठंडा हो चूका था और बचाव दल समझ गया की महिला मर चुकी है.

बचाव दल उस घर को छोड़ दूसरे मकानों की ओर चल पड़ा. बचाव दल के प्रमुख का कहना था कि, 'पता नहीं क्यूँ मुझे उस महिला का घर अपनी तरफ खींच रहा था. कुछ था जो मुझसे कह रहा था कि मैं इस घर को ऐसे छोड़ कर न जाऊं और मैंने अपने दिल की बात मानने का फैसला किया.'

उसके बाद बचाव दल एक बार फिर उस महिला के घर की तरफ पहुंचा. दल प्रमुख ने मलबे को सावधानी से हटा कर बारीक दरारों में से अपना हाथ महिला की तरफ बढ़ाया. महिला के शरीर के नीचे की जगह को हाथों से टटोलने लगा. तभी उनके मुंह से निकला, 'बच्चा... यहाँ एक बच्चा है.'

अब पूरा दल काम में जुट गया. सावधानी से मलबा हटाया जाने लगा. तब उन्हें महिला के मृत शरीर के नीचे एक टोकरी में रेशमी कम्बल में लिपटा हुआ 3 माह  का एक बच्चा मिला. दल को समझ में आ चुका था कि महिला ने अपने बच्चे को  बचाने के लिए अपने जीवन का त्याग किया है.

भूकंप के दौरान जब घर गिरने वाला था तब उस महिला ने अपने शरीर से सुरक्षा देकर अपने बच्चे की रक्षा की थी. डॉक्टर भी जल्द ही वहां आ पहुंचे. दल ने जब बच्चे को उठाया तब बच्चा बेहोश था.

बचाव दल ने बच्चे का कम्बल हटाया तब उन्हें वहां एक मोबाइल मिला, जिसके स्क्रीन पर सन्देश लिखा था, 'मेरे बच्चे अगर तुम बच गए तो बस इतना याद रखना कि तुम्हारी माँ तुमसे बहुत प्यार करती थी.'

मोबाइल बचाव दल में एक हाथ से दूसरे हाथ जाने लगा, सभी ने वो सन्देश पढ़ा, सबकी आँखें नम हो गयी...