माँ का प्यार

SA Admin SA Admin Jul 10 0 Comments 5 Views

एक माँ और बेटे की Short Story About Mother In Hindi. माँ-बाप हमेसा अपने बच्चो के अच्छे से अच्छे देने की सोचतें है । ऐसी ही एक माँ बेटे की कहानी प्रस्तुत है ।

एक बार एक गांव मे Imara नाम की एक बूढी औरत अपने पति के साथ रहा करती थी । उसका बेटा शहर मे रहता था। Imaraji अपने बेटे से मिलना चाहती थी , इसलिए उसने अपने बेटे से मिलने के लिए शहर जाने का फैसला किया।

जब वह अपने बेटे के घर पहुची और  वह अपने बेटे को देखने के लिए बहुत उत्साहित थी , लेकिन दुर्भाग्य से किसी और ने दरवाज़ा खोला। Imaraji ने अपने बेटे के बारे मे पूछा तो उसे पता चला कि उनका बेटा उस घर से चला गए है , और अब किसी और जगह पर रहता है।

उसका मन दुखी हो गया और उसने थोड़ी देर सोचा और फिर पड़ोसियो के पास गयी और पडोसी से पता मांगा, जहा से उन्हें अपने बेटे के Office का Address  मिला। Imaraji ने पड़ोसी का शुक्रिया अदा किया और अपने बेटे के Office की तरफ चल दी।

Imaraji Office मे पहुची और Reception पर अपने बेटे के बारे मे Enquiry की । वहां Receptionist ने Imaraji के बेटे को उसकी माँ के बारे मे बतया। बेटा अपनी माँ के आने की News सुन के बहुत खुश हुआ, और तुरंत Receptionist से अपनी माँ को अपने Cabin मे भेजने के लिए कहा ।

जब Imaraji अपने बेटे के Cabin मे गयी , तो उसके बेटे की आखे , अपनी माँ को देख कर आसूओ से भर गई । उनके बाद देर कुछ थोड़ी बातचीत की और फिर Imaraji ने अपने बेटे से कहा, “तुम्हारे पिताजी तुम से मिलना चाहते है … क्या तुम अभी, मेरे साथ गांव चल सकते हो??”

बेटे ने कहा : “नही माँ , मै अभी गाव नही आ सकता , क्योकि मेरे पास बहुत सारा काम है, और अगर मै अभी छोड़ू तो बहोत मुश्किल होगी मुझे…”

Imaraji ने मुस्कुराया और कहा “ठीक है … तू अपना काम कर, मै शाम को गाव जा रही हू।”

बेटा दुखी हो गया और अपनी माँ से कुछ दिनो तक साथ रहने का अनुरोध किया; लेकिन Imaraji ने यह कहते हुए इनकार कर दिया; “मै तुझको तुम्हरे काम मे Busy होने पर तुझको Uncomfortable नही करना चाहती हू , मै तुझपर बोझ नही बनना चाहता हूं।”

“तेरे पास कभी Time मिले तो मुझसे और अपने पिताजी से मिलने गाव आ जाना , हमे बहुत खुसी होगी …” Imaraji ने कहा और गाव चली गई।

कुछ दिनो के बाद बेटे ने अपने काम से कुछ Time निकाला और अपने माँ और पिताजी के बारे मे सोचने लगा। कैसे अपनी मा को अकेला छोड़ने दिया;  इसी लिए Guilty महसूस करने लगा और Upset हो गया ।

Short Story About Mother In Hindi

एक माँ और बेटे की Short Story About Mother In Hindi. माँ-बाप हमेसा अपने बच्चो के अच्छे से अच्छे देने की सोचतें है । ऐसी ही एक माँ बेटे की कहानी प्रस्तुत है ।

Heart Touching Story In Hindi

एक बार एक गांव मे Imara नाम की एक बूढी औरत अपने पति के साथ रहा करती थी । उसका बेटा शहर मे रहता था। Imaraji अपने बेटे से मिलना चाहती थी , इसलिए उसने अपने बेटे से मिलने के लिए शहर जाने का फैसला किया।

जब वह अपने बेटे के घर पहुची और  वह अपने बेटे को देखने के लिए बहुत उत्साहित थी , लेकिन दुर्भाग्य से किसी और ने दरवाज़ा खोला। Imaraji ने अपने बेटे के बारे मे पूछा तो उसे पता चला कि उनका बेटा उस घर से चला गए है , और अब किसी और जगह पर रहता है।
Takat Par Ghamand – Eye Opener Story

उसका मन दुखी हो गया और उसने थोड़ी देर सोचा और फिर पड़ोसियो के पास गयी और पडोसी से पता मांगा, जहा से उन्हें अपने बेटे के Office का Address  मिला। Imaraji ने पड़ोसी का शुक्रिया अदा किया और अपने बेटे के Office की तरफ चल दी।

Imaraji Office मे पहुची और Reception पर अपने बेटे के बारे मे Enquiry की । वहां Receptionist ने Imaraji के बेटे को उसकी माँ के बारे मे बतया। बेटा अपनी माँ के आने की News सुन के बहुत खुश हुआ, और तुरंत Receptionist से अपनी माँ को अपने Cabin मे भेजने के लिए कहा ।

जब Imaraji अपने बेटे के Cabin मे गयी , तो उसके बेटे की आखे , अपनी माँ को देख कर आसूओ से भर गई । उनके बाद देर कुछ थोड़ी बातचीत की और फिर Imaraji ने अपने बेटे से कहा, “तुम्हारे पिताजी तुम से मिलना चाहते है … क्या तुम अभी, मेरे साथ गांव चल सकते हो??”
Heart Touching Story In Hindi - Son Working in CabinShort Story About Mother In Hindi

बेटे ने कहा : “नही माँ , मै अभी गाव नही आ सकता , क्योकि मेरे पास बहुत सारा काम है, और अगर मै अभी छोड़ू तो बहोत मुश्किल होगी मुझे…”

Imaraji ने मुस्कुराया और कहा “ठीक है … तू अपना काम कर, मै शाम को गाव जा रही हू।”

बेटा दुखी हो गया और अपनी माँ से कुछ दिनो तक साथ रहने का अनुरोध किया; लेकिन Imaraji ने यह कहते हुए इनकार कर दिया; “मै तुझको तुम्हरे काम मे Busy होने पर तुझको Uncomfortable नही करना चाहती हू , मै तुझपर बोझ नही बनना चाहता हूं।”
छत्रपति शिवाजी महाराज – भारती नव सेना के पिता

“तेरे पास कभी Time मिले तो मुझसे और अपने पिताजी से मिलने गाव आ जाना , हमे बहुत खुसी होगी …” Imaraji ने कहा और गाव चली गई।

कुछ दिनो के बाद बेटे ने अपने काम से कुछ Time निकाला और अपने माँ और पिताजी के बारे मे सोचने लगा। कैसे अपनी मा को अकेला छोड़ने दिया;  इसी लिए Guilty महसूस करने लगा और Upset हो गया ।

अगले दिन उसने अपने Office से छुट्टी ली और अपने माता-पिता से मिलने के लिए अपने गांव निकल पड़ा । गाव पहोच कर जब घर गया तोह ; वो यह देखकर Shock हो गया कि उसके माता-पिता घर पर नही थे।

जब उसने इसके बारे मे पडोसियों से पूछा; तो वह जानकर Sad हो गया कि उसके माता-पिता उस जगह को छोड़कर अब किसी दूसरे जगह पर रहते है । बेटे ने पड़ोसी से वहा का Address लिए और वहां चल पड़ा ।

बेटे ने देखा कि यह जगह एक Graveyard(कबरिस्तान) की तरह लग रही है । उसकी आंखे आसुओं से भर गई; और वह बहोत डर गया । वह धीरे-धीरे उस Graveyard की तरफ बढ़ता चला गया ।

दूर से उसने देखा कि कोई औरत वहा कुछ काम कर रही है; जब थोड़ी नजदीक जा के देखा तो वो उसकी माँ थी; बेटा भागा और अपनी माँ को जोर से Hug किया।

Imaraji ने पूछा, “क्या हुआ? कुछ बुरा हुआ क्या तेरे साथ?” बेटे ने कुछ भी नही बोला और अपना सर नीचे रख दिया।

Imaraji ने आसू पूछे और कहा, “तू रो क्यो रहा है ? कुछ गलत हुआ क्या तेरे साथ??”

बेटे ने कहा, “नहीं माँ, और आप लोग यहा , इस हाल मे रह रहे हो I Never Thought This… आपने गांव का घर क्यो छोड़ दिया ?”

Imaraji ने कहा “बेटा … तेरे पिताजी बहोत बीमार हो गये थे और मुझे इलाज के लिए पैसो की जरुरत थी; इस लिए मैंने Loan लेलिया था, खेती मे सब नुकसान हो गया था।”

मै गई थी तेरे पास लेकिन तू पहले से ही अपने काम से Disturb था; और मै तुझपर इस Problem का बोझ नहीं डालना चाहती थी; इसलिए मुझे उस Loan को भरने के लिए अपने गावं का घर बेचना पड़ा।

बेटा बोला , “लेकिन आप मुझे बता सकते थे … मै तुम्हारा बेटा हू…”

Imaraji ने बोला, “बेटा … मै तुम्हे परेशान नही करना चाहता थी;.. इसलिए मै चुपचाप वापस गाव आ गई… मै बास तेरी खुशी चाहता हू…बेटा”

बेटे ने अपनी माँ को कस कर गले लगा लिया और माफी मागी वह Help नही कर पाया था ।

Imaraji ने कहा ” मैं तुझे खुश देखना चाहती हूं; और हो सके तोह कुछ time हमारे साथ बिता। हम तुझसे बहुत प्यार करते है; इस बुढ़ापे मे तुझसे मिलने के लिए शहर जाने मे Problem होती है;…. जब भी तेरे पास Time हो तो हमसे मिलने के लिए आना ।”