पति से जीतना मुश्किल ही नहीं नामुनकिन है

SA Admin SA Admin Jul 10 0 Comments 12 Views

पत्नी – चलो आज खाना खाने बाहर चलते है, मेरा मूड नहीं है खाना बनाने का..

 पति – ठीक है… लेकिन हम ज़्यादा महंगे होटल नहीं जाएंगे, महीने की आखिरी तरीके चल रही है, बजट थोड़ा कम है…

 पत्नी (गुस्से से) – तुम हमेशा ऐसे ही करते हो, आज हम महंगे होटल में ही खाना खाएंगे…बस मैंने कह दिया तो कह दिया।

 पति – अच्छा बाबा, चलो ठीक है.. तुम शाम को 7 बजे तक तैयार रहना।

 शाम को दोनों पति और पत्नी होटल की तरफ अपनी गाडी में जा रहे थे…..

पति – तुम जानती हो एक बार मेरा और मेरी बहिन का पानी पूरी (गोलगप्पे) खाने का कम्पटीशन हुआ था…मैंने 30 पानी पूरी खाई थी और उसे हरा दिया था…पानी पूरी खाने में मेरा को मुकाबला नहीं कर सकता…

पत्नी – बस 30… मैं तो इससे भी ज़्यादा खा सकती हू और तुम्हे आसानी से हरा सकती हूँ..

पति – नहीं..मुझे कोई नहीं हरा सकता..ये तुम्हारे बस की बात नहीं..

पत्नी – अच्छा… तो चलो अभी हो जाए कम्पटीशन… मैं अभी तुम्हे दिखा दूंगी कि कौन ज़्यादा खा सकता है..


पति – अच्छा! तो तुम खुद को हारते हुए देखना चाहती हो… चलो फिर आज तुम्हे भी दिखा देता हु..

पति और पत्नी एक पानी पूरी क ठेले पर रुकते है. दोनों 25 – 25 पानीपुरी खा चुके है, दोनों का पेट पूरी तरह भर चूका है ….

पति – बस…अब और नहीं खा सकता…

पत्नी जैसे तैसे अपना इक्कीसवा पानीपुरी (गोलगप्पा) खाती है और ख़ुशी से चिल्लाती है “मैंने तुम्हे हरा दिया… ”


पति को अब संतुष्टि होती है कि पत्नी भी खुश, पेट भी भर गया और महंगे रस्टॉरंट भी नहीं जाना पड़ा.

पति मन ही मन अपने पर गर्व करता है और हँसता है और दिल में सोचता है “पति को हराना मुश्किल ही नहीं नामुनकिन है”