जो होता है अच्छे के लिए होता है

SA Admin SA Admin Jul 10 0 Comments 10 Views

एक बार अकबर और बीरबल जंगल में शिकार पर गए हुए थे. बहुत घना जंगल था. अकबर महाराज अपने घोड़े पर थे और बीरबल अपने घोड़े पर. तभी अचानक गलती से अकबर महाराज की एक ऊँगली कट जाती है. ऊँगली से बहुत खून बेहता है लेकिन बीरबल धैर्य रखते हुए अकबर को कहता है “महाराज….शांत हो जाईये जो होता है वो अच्छे के लिए ही होता हैं”

बीरबल का ये जवाब सुनकर अकबर महाराज को बहुत गुस्सा आता है और वो गुस्से में बीरबल से कहते है “बीरबल… मेरे हाथ की एक ऊँगली कट गयी और तुम मुझे बोल रहे हो कि जो होता है अच्छे के लिए होता है?? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई ये कहने की, तुम दूर हो जाऊ मेरी नज़रो से, मैं तुम्हारी शक्ल नहीं देखना चाहता”

बीरबल बिना बहस किये वहां से चला जाता है. महाराज अकबर अकेले ही शिकार की खोज करने लगते है. कुछ ही देर में महाराज रास्ता भटक जाते है और जंगल में उन्हें एक कबीले के लोग बंधी बना लेते है. कबीले के लोग अकबर की बलि देने के लिए अपने राजा के पास लेकर जाते है. कबीले का राजा अकबर को देखकर बहुत खुश होता है.

जैसे ही कबीले का राजा अकबर को बलि के लिए ले जाने आता है, उसकी नज़र महाराज अकबर के हाथ पर जाती है. तभी वह कबीले के सिपाहियों को गुस्से में बोलता है “अरे सिपाहियों, ये तुम 9 उँगलियों वाले इंसान को बलि के लिए ले आये. अगर हम इस व्यक्ति की बलि देंगे तो हमारा देवता गुस्सा हो जाएगा और हम पर बुरी ताकते हमला कर देंगी. इस व्यक्ति को अभी पूरे सम्मान के साथ जंगल में वापिस छोड़ आओ.”

कबीले के सिपाही महाराज अकबर को वापिस जंगल में छोड़ देते है और फिर अकबर को बीरबल की कही वो बात याद आ जाती है कि जो होता है अच्छे के लिए होता है. महाराज अकबर बीरबल से बहुत खुश होते है. वह महल जाकर बीरबल को गले लगाते है और उसे पूरी आप बीती सुनाते है और कहते है “सच में बीरबल तुमने बिलकुल ठीक कहा था, की जो होता है अच्छा होता है. देखो इस कटी हुई ऊँगली के कारण आज मेरी जान बच गयी”


बीरबल भी हँसते हुए कहता है “हाँ महाराज, सिर्फ ये ही नहीं. अगर आप मुझे महल वापिस जाने के लिए ना कहते तो कबीले के लोग मेरी बलि दे देते. सत्य ही तो है, “जो होता है अच्छे के लिए ही होता है”