धक्का-Funny Short Motivational Story

Riya Jain Riya Jain October 9, 2018 0 Comments 139 Views

एक गांव में एक बड़ा सा तालाब था।वह तालाब में बहुत सारे मगरमच्छ,शांप, मेंढक और कई प्रकार के जीव रहते थे।इतने डरवाने पानी के भीतर किसी भी व्यक्ति को जाने की हिम्मत नहीं होती थी।भला क्यों कोई अपनी जान गवाना चाहेगा।

एक दिन गांव के कुछ लोगो के दिमाग में आया की क्यों ना एक रेश करवाई जाए।रेस में अगर जो भी इस तालाब को एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुँच जायेगा उसे बहुत बड़ा इनाम दिया जायेगा।फिर क्या था कुछ दिनों बाद रेश का दिन आया।रेश को देखने के लिए कई लोग आये थे पर उस रेश में कोई हिसा नही लेना चाहता था।कई तेराके भी वहा हिसा लेने आये थे पर सभी मगरमच्छ की बात सुन कर डर से उस रैश में हिसा लेने से मना कर दिये।बहुत देर तक इंतजार किया गया पर कोई तालाब के अंदर नहीं जाना चाहता था की अचानक से एक आदमी नदी में कूद कर जल्दी जल्दी तैरने लगा और तैरते तैरते वह तालाब के दूसरी और जा पहुँच।

यह देख सभी आश्चर्य चकित हो उठे।एक व्यकति ने बोला आपने बड़े ही बहादुरी का काम किये है।आप इस रेश के विजेता है,आपको इसके लिए इनाम दिया जायेगा।मीडिया के कई लोग उसे घेर कर खड़े हों गए और सवाल करने लगे की आप में इतनी हिमत कहा से आयी।।आपने यह कार्य कैसे कर लिया।।वगेरा वगेरा।।।

तभी वह व्यकति बोला “इनाम विनाम तो हम ले लेंगे,ये सब छोडो आप लोग ये बताये की मुझे धक्का किसने दिया?’


दोस्तों,ये कोई कहानी तो नहीं है बिलकुल यह एक छोटा सा जोक था।पर दोस्तों इस कहानी में सिखने लायक बहुत कुछ है।अक्सर हमें अपना लक्ष्य पाने की काबिलियत होती है।उस लड़के में वह तालाब में कूद कर तालाब को पर करने की काबिलियत तो थी पर वह अपने आप नहीं कूदा,किसी ने धक्का दिया और उसने मगरमच्छ से बचने के डर से वह रेश पर काफी ली।अगर उसको कोई धक्का नहीं देता तो वह कभी कूदने की नहीं सोचता और नाही वह रेश का विजेता बनता।अब उसकी जिंदग बदल चुकी थी।दोस्तों ऐसे ही हमारे अंदर कई टेलेंट छुपे होते है।जब तक हमारे अंदर confidance और rishk उतने की हिमत नहीं होती तब तक हम अपने लाइफ में किसी challenge में कीड़े बगैर ही हर मन लेते है।हमे ऐसा बनाना चाहिए,हमारे अंदर ऐसा confidance होना चाहिए की जिंदगी में मोलाने वाले अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहिए।